सरकार ने मंत्रियों के लिए खरीदी 11 नई गाडि़या, आॅड-इवन प्रणाली प्रदूषण कम मरने में पूरी तरह फेल - दिल्ली जन जागरण मंच के महामंत्री

विधायक वेतन वृद्धि से जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाई गई आॅड-इवन प्रणाली प्रदूषण कम मरने में पूरी तरह फेल

नई दिल्ली, 06 जनवरी।  दिल्ली जन जागरण मंच के महामंत्री श्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने लगभग 1 वर्ष की अपनी नाकामियों एवं विधायकों के वेतन वृद्धि के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए माननीय हाईकोर्ट की प्रदूषण पर व्यक्ति चिंता का दुरूपयोग किया और मनमाने ढंग से वाहनों के प्रदूषण को दिल्ली में प्रदूषण के लिए मुख्यरूप से दोषी बना दिया।

श्री कपूर ने कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर दिल्ली में कृत्रिम एवं भय का वातावरण बनाया गया है।  स्कूल, कालेज को जबरन बंद करवाया गया जिसके चलते सड़कों पर वाहनों का टेªफिक अपने आप घटा।  मोटर वेहिकल एक्ट में कोई प्रावधान न होते हुये भी प्रदूषण के नाम पर भय का वातावरण बनाकर 2000 रूपये के जुर्माने का प्रावधान घोषित कर दिया गया है और असल में यह भारी जुर्माना है जो लोगों को वाहनों को सड़क से दूर रखने के लिए मजबूर कर रहा है।

श्री कपूर ने कहा है कि दिल्ली में 1 जनवरी को वायु गणवन्ता 388 माणक थी तो 5 जनवरी की सायं 428 यानि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।  जिन दिनों में दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए वाहन प्रतिबंध के प्लान बनाये जा रहे थे तब कानपुर आई.आई.टी. की रिपोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि दिल्ली में वाहन प्रदूषण नहीं बल्कि धूल से होने वाला प्रदूषण वायु गुणवन्ता बिगाड़ने के लिए दोषी है।

श्री कपूर ने कहा है कि कोई भी प्रयोग तब कामयाब होता है जब वह नियमित परस्थितियों में किया जाये न कि कृत्रिम परिस्थितियां बनाकर।  इसीलिए आज 6 दिन अस्त-व्यस्त रहने के बाद दिल्ली को अहसास हो रहा है कि प्रदूषण कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया है।


श्री कपूर ने कहा है कि इसी बीच एक और ऐसी घटना घटी है जो दिल्ली की जनता को सरकार की नियत पर शक करने को मजबूर करती है।  मुख्यमंत्री जहां बड़े बड़े विज्ञापनों में अपने मंत्रियों से कार शेयर के लिए बोलते हुये सुनाई देते हैं वहीं एक जानकारी अनुसार दिल्ली सरकार ने दिसम्बर के अंतिम दिनों में 11 नई गाडि़यां मंत्रियों के लिए खरीदी हैं जिसमें 5 मंहगी सियाज,  5 डिजायर तो एक नैनो सर्वोत्तम माॅडल है और अपने मंत्रियों के लिए खरीदी हैं।  उन्होंने कहा है कि सरकार को आगे आकर यह बताना चाहिए कि यह ठीक है या नहीं हर मंत्री के पास सम और विषम दोनों नम्बरों की गाडि़यां होंगी ?

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